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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में और इसके बाद सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध कैसे बनता है
माठका दूध शिशॠके लिठपà¥à¤°à¤•ृति का सबसे बेहतरीन आहार है। दूसरी तिमाही में आपकी दà¥à¤—à¥à¤§ गà¥à¤°à¤‚थिया पूरी तरह तैयार हो जाती है, ताकि अगर शिशॠका जनà¥à¤® समय से पहले हो जाठतो à¤à¥€ आप उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के लिठतैयार हों। माठके दूध की सबसे खास बात यह है कि शिशॠकी जरà¥à¤°à¤¤ के हिसाब से इसमें बदलाव आता रहता है। यह अतà¥à¤¯à¤‚त वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त आहार होता है और शिशॠके वजन और उसकी à¤à¥‚ख के आधार पर सà¥à¤¤à¤¨ दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बढ़ती रहती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में कैसे बदलाव आता है?
जब आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती हैं, तà¤à¥€ से आपके सà¥à¤¤à¤¨ शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने की तैयारी शà¥à¤°à¥ कर देते हैं।
निपà¥à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ में सिहरन, संवेदनशील और सूजे हà¥à¤ सà¥à¤¤à¤¨ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। ये शरीर में हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ के बढ़ते सà¥à¤¤à¤° की वजह से होता है।
निपà¥à¤ªà¤² के चारों तरफ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ (à¤à¤°à¤¿à¤“ला) का रंग à¤à¥€ थोड़ा गहरा लग सकता है और उस पर छोटे-छोटे उà¤à¤¾à¤° दिखाई दे सकते हैं। शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की तरफ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने का यह पà¥à¤°à¤•ृति का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· तरीका है।
à¤à¤°à¤¿à¤“ला पर छोटे-छोटे उà¤à¤¾à¤° à¤à¤• तैलीय ततà¥à¤µ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करते हैं, जो कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान निपà¥à¤ªà¥à¤²à¥‹à¤‚ कों साफ करते हैं, चिकनाई देते हैं और इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचाते हैं। इनकी गंध à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ जैसी होती है, इसलिठआपका शिशॠजनà¥à¤® के बाद से ही सà¥à¤µà¤¤: इस जानी-पहचानी गंध के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ हो जाता है।
शिशॠके जनà¥à¤® के समय तक आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में गà¥à¤°à¤‚थीय ऊतà¥à¤¤à¤•ों का माप दोगà¥à¤¨à¤¾ हो सकता है। माप में इस परिवरà¥à¤¤à¤¨ का समय हर महिला में अलग हो सकता है। यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के मधà¥à¤¯ में या गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में हो सकता है, या फिर शिशॠके जनà¥à¤® के बाद à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है।
अगर आपके सà¥à¤¤à¤¨ छोटे हों या डिलीवरी के बाद इनका माप बढ़ा हà¥à¤† न लगे, तो à¤à¥€ चिंता न करें। सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के माप का आपके सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ पर कोई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं होता। छोटे सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ वाली मां à¤à¥€ शिशॠके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करती हैं। आपका शिशॠजितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध पीà¤à¤—ा, उतने ही अधिक दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ होगा।
शिशॠके जनà¥à¤® के बाद जब आपका दूध आना शà¥à¤°à¥ होता है, तो आपके सà¥à¤¤à¤¨ काफी à¤à¤¾à¤°à¥€ और à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ दिखाई देंगे। शिशॠके जनà¥à¤® के à¤à¤• या दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद, आपके सà¥à¤¤à¤¨ तकरीबन उसी माप के हो जाà¤à¤‚गे, जितने वे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान थे। वे à¤à¤¸à¥‡ तब तक रहेंगे, जब तक आप शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती रहेंगी।
माठके दूध में कौन से पोषक ततà¥à¤µ होते हैं?
कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® वह पहला दूध है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में बनता है। नवजात शिशॠके लिठइसके फायदे को देखते हà¥à¤ इस 'तरल सोना' (लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ गोलà¥à¤¡) कहा जाता है। आपका यह पहला दूध पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨,मिनरलà¥à¤¸, लवण, विटामिन à¤, नाइटà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨, सफेद रकà¥à¤¤ कोशिकाओं और विशेष à¤à¤‚टिबॉडीज से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। इसमें बाद में आने वाले परिपकà¥à¤µ दूध की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में वसा और शरà¥à¤•रा कम होती है।
परिपकà¥à¤µ सà¥à¤¤à¤¨ दूध में पानी, वसा, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन, खनिज और à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होते हैं। इसमें सफेद रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚, à¤à¤‚टिबॉडीज, à¤à¤¨à¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¥à¤¸ और अनà¥à¤¯ ततà¥à¤µ à¤à¥€ होते हैं जो शिशॠकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाते हैं।
सà¥à¤¤à¤¨ दूध में 200 से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद ततà¥à¤µ होते हैं, और अब à¤à¥€ लगातार इनकी खोज जारी है। उदाहरण के तौर पर शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का अब यह मानना है कि सà¥à¤¤à¤¨ दूध में मौजूद फैटà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और रेटिना के विकास को बढ़ावा देता है। साथ ही यह संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास को à¤à¥€ बढ़ा सकता है। माठके दूध में मौजूद बहà¥à¤¤ से ततà¥à¤µ जैसे कि इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ने वाली सफेद रकà¥à¤¤ कोशिकाओं का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं किया जा सकता।
माठके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में परिपकà¥à¤µ दूध शिशॠके जनà¥à¤® के करीब दो से चार दिनों के बाद आता है। यह इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि आप जनà¥à¤® के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› घंटों और दिनों में आप शिशॠको कितनी बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती हैं। शिशॠकी à¤à¥‚ख और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की बारंबारता के आधार पर आपके दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ घटता-बढ़ता रहता है।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में अगà¥à¤°à¤¦à¥‚ध (फोरमिलà¥à¤•) आता है जिसमें पानी और लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। इसके बाद वसा और कैलोरी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र दूध आता है जिसे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में हिंडमिलà¥à¤• कहते हैं।
मेरे सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध कैसे बनता है?
माठका दूध शिशॠके लिठपà¥à¤°à¤•ृति का सबसे बेहतरीन आहार है। आपके सà¥à¤¤à¤¨ में सà¥à¤¤à¤¨ गà¥à¤°à¤‚थियां दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करती हैं। सà¥à¤¤à¤¨ गà¥à¤°à¤‚थियों में अलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‡ सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में à¤à¥‚मिका अदा करते हैं:
à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€: जहां सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ होता है। आपके सà¥à¤¤à¤¨ में ये छोटे अंगूर जैसे कोषों के गà¥à¤šà¥à¤›à¥‡ होते हैं। ये छोटी-छोटी मांसपेशियों से घिरे होते हैं, जो कि इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€à¤‚चकर दूध को बाहर छोटी नलिकाओं में निकालती हैं। ये हर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बनती हैं।
छोटी नलिकाà¤à¤‚ (डकà¥à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚लà¥à¤¸): छोटी नलिकाà¤à¤‚ जो दूध को à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€ से मà¥à¤–à¥à¤¯ दà¥à¤—à¥à¤§ नलिका तक लाती हैं।
दà¥à¤—à¥à¤§ नलिकाà¤à¤‚ (मिलà¥à¤• डकà¥à¤Ÿà¥à¤¸): यह नलिकाओं का वह गहन तंतà¥à¤° है, जो à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€ और छोटी नलिकाओं से सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध को सीधा शिशॠतक पहà¥à¤‚चाता है। आप इन दà¥à¤—à¥à¤§ नलिकाओं को अलग-अलग सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰ की तरह मान सकती हैं, जिनमें से कà¥à¤› à¤à¤•-दूसरे से मिल जाती हैं। आपके निपà¥à¤ªà¤² के सिरे तक करीब आठया नौ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰ यानि नलिकाà¤à¤‚ होती हैं, जो शिशॠको दूध पहà¥à¤‚चाती हैं। हर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इन नलिकाओं की संखà¥à¤¯à¤¾ और माप बढ़ जाता है। जब आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना शà¥à¤°à¥ करती हैं, तब आपके à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ में औसतन नौ नलिकाà¤à¤‚ होती हैं।
हो सकता है गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध की कà¥à¤› बूंदों का रिसाव हो। वासà¥à¤¤à¤µ में, आपकी दूध-उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही के दौरान कà¤à¥€ à¤à¥€ तैयार हो सकती है। यदि आपका शिशॠसमय से पहले पैदा हो जाà¤, तो à¤à¥€ आप उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा सकेंगी।
आपके शिशॠके जनà¥à¤® और अपरा की डिलीवरी हो जाने के बाद आपके शरीर में ईसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥€à¤°à¥‹à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° घटने लगते हैं। इससे आपके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में पीयूष गà¥à¤°à¤‚थि (पिटूइटरी गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड) से पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ जारी होना शà¥à¤°à¥ हो जाता है।
पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ आपके शिशॠको पोषित करने के लिठशरीर को खूब सारा दूध बनाने के संकेत देता है। और इसकी वजह से आप शिशॠके लिठऔर अधिक ममता व पà¥à¤¯à¤¾à¤°-दà¥à¤²à¤¾à¤° महसूस कर सकती हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ छोटे सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ वाली माठकम सà¥à¤¤à¤¨ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करती हैं?
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के मामले में बड़े या छोटे सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ता। सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के माप का आपके सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ पर कोई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं होता।
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का माप अधिकांशत: इस बात से निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होता है कि उनमें कितने जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चरà¥à¤¬à¥€à¤¦à¤¾à¤° ऊतà¥à¤¤à¤• (फैटà¥à¤Ÿà¥€ टिशà¥à¤¯à¥‚) हैं। ये आपके गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर तैयार हो जाते हैं। शिशॠके जनà¥à¤® के समय आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का माप कà¥à¤› à¤à¥€ हो, आपके पास शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ गà¥à¤°à¤‚थीय ऊतà¥à¤¤à¤• होंगे।
यदि आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ कम लगे, तो à¤à¥€ इस बात की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ कम है कि आप शिशॠके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं कर सकतीं। अधिकांश मामलों में, समसà¥à¤¯à¤¾ यह नहीं होती कि आप कितना सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कर रही हैं, समसà¥à¤¯à¤¾ यह होती है कि आपका शिशॠकितना दूध पाने में सकà¥à¤·à¤® है।
यदि आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से सही ढंग से मà¥à¤‚ह में नहीं ले पा रहा (लैचिंग), तो वह परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध नहीं पा सकेगा। शिशॠसही तरीके से लैच कर रहा है या नहीं यह जानने के लिठआप हमारी विजà¥à¤…ल गाइड à¤à¥€ देख सकती हैं।
अपने शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना मैं कब शà¥à¤°à¥ कर सकती हूं?
आप शिशॠके जनà¥à¤® के बाद से ही उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना शà¥à¤°à¥ कर सकती हैं। जनà¥à¤® के तà¥à¤°à¤‚त बाद तà¥à¤µà¤šà¤¾ का तà¥à¤µà¤šà¤¾ से संपरà¥à¤• निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित तरीकों से फायदेमंद हो सकता है:
शरीर को 'लव हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨' ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‰à¤¸à¤¿à¤¨ जारी करने में, जिससे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने और शिशॠके साथ बांडिंग बढ़ाने में मदद मिलती है।
शिशॠको आराम देने और उसकी हृदय गति को सामानà¥à¤¯ करने में।
शिशॠके सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने के सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ शà¥à¤°à¥ करने में।
शिशॠको गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ देने और गरà¥à¤ से बाहर आने के बाद à¤à¥€ उसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करवाने में।
ये सà¤à¥€ à¤à¤• साथ मिलकर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की शानदार शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में मदद करते हैं। आप शिशॠको जो पहला दूध पिलाà¤à¤‚गी, वह कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® होगा। यह गाढ़ा, मलाई जैसा दिखने वाला दूध होता है, जिसमें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ और वसीय ततà¥à¤µ कम होंगे। आपके शिशॠके जनà¥à¤® के बाद पहले तीन दिनों तक उसे केवल इस कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® की ही जरà¥à¤°à¤¤ होती है। आपके शिशॠका पेट बहà¥à¤¤ छोटा होता है, इसलिठउसे शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में केवली थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में ही दूध चाहिठहोता है।
कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® रोगों से लड़ने वाली कोशिकाओं और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है, जो कि आपके शिशॠकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को मजबूत बनाते हैं।
कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® में à¤à¤¸à¥‡ अनूठे ततà¥à¤µ à¤à¥€ होते हैं जो शिशॠके विकास को बढ़ावा देते हैं और शिशॠकी आंतों में सूकà¥à¤·à¥à¤® जीवाणà¥à¤“ं की संखà¥à¤¯à¤¾ बढ़ाते हैं। ये जीवाणॠशिशॠकी आंतों को दसà¥à¤¤ (डायरिया) और अनà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ पैदा करने वाले रोगाणà¥à¤“ं से लड़ने में मदद करते हैं।
जनà¥à¤® के बाद तीन दिन तक जब शिशॠकोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® का फायदा ले चà¥à¤•ा होता है, तो फिर आपका बाद वाला दूध आता है। इस दूध में à¤à¥€ कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® की तरह रोगाणà¥à¤“ं से लड़ने वाले और सूकà¥à¤·à¥à¤® जीवाणà¥à¤“ं से à¤à¤°à¤ªà¥‚र ततà¥à¤µ होते हैं। इसके साथ-साथ, सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और वसा के अलग सà¥à¤¤à¤° होते हैं, जो कि शिशॠके सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास में मदद के लिठà¤à¤•दम उचित होते हैं।
जनà¥à¤® के बाद अगले छह महीने तक आपके शिशॠको à¤à¥‹à¤œà¤¨ और पेय के रूप में केवल आपका दूध चाहिठहोता है। मगर यदि आप उसे शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के दो साल तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚ तो उसे इसका à¤à¤°à¤ªà¥‚र फायदा मिल सकता है।
जब शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना शà¥à¤°à¥ करता है तो कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
शिशॠको आपका दूध मिले, इसके लिठपहले à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€ से दूध निकलना चाहिà¤, जिसे सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध जारी होना (लेटडाउन) कहा जाता है। यह कैसे होता है, इस बारे में नीचे बताया गया है:
जब आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ को चूसता है, तो आपके निपà¥à¤ªà¤² में उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ या सिहरन होती है। इससे पीयूष गà¥à¤°à¤‚थि के दूसरे हिसà¥à¤¸à¥‡ को आपकी रकà¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤•ाओं में आॅकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ जारी करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ मिलती है। (यह समान पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के बारे में केवल सोचने मातà¥à¤° से या उसके रोने की आवाज सà¥à¤¨à¤•र à¤à¥€ हो सकती है।)
जब ऑकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ आपके सà¥à¤¤à¤¨ तक पहà¥à¤‚चता है, तो दूध से à¤à¤°à¥€ à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€ के आस पास की छोटी-छोटी मांसपेशियों में संकà¥à¤šà¤¨ होता है और वे à¤à¤¿à¤‚चने लगती है, जिससे दूध की धार निकलने लगती है।
आपका दूध नलिकाओं के सहारे à¤à¤°à¤¿à¤“ला के ठीक नीचे तक आ जाता है।
जब आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करता है, तो वह नलिकाओं को दबाकर दूध अपने मà¥à¤‚ह में ले लेता है।
à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€ से दूध निकलते समय जब दूध का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ तेज होता है, तो सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में सिहरन, चà¥à¤à¤¨ या जलन सी महसूस हो सकती है। यह सामानà¥à¤¯ है और यह अनà¥à¤à¥‚ति कà¥à¤› ही कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में दूर हो जाती है। जब आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती हैं तो यह चà¥à¤à¤¨ का अहसास कम होने लगता है। इसलिठआप पाà¤à¤‚गी कि आने वाले हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में यह कम होने लगती है।
हो सकता है आप पाà¤à¤‚ कि दूध निकलते समय टपकने लगता है या सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ की तरह बाहर आने लगता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में हो सकता है आपके सà¥à¤¤à¤¨ शिशॠके लिठजरà¥à¤°à¤¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कर लें। डिलीवरी के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› दिनों के दौरान सà¥à¤¤à¤¨ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ महसूस होना à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ हो सकता है। शिशॠको समय-समय पर और जितनी देर वह चाहे उतनी देर तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने से आपके सà¥à¤¤à¤¨ नरम हो सकेंगे।
जब à¤à¥€ शिशॠचाहे तब उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने को अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में रिसà¥à¤ªà¤¾à¤‚सिव फीडिंग कहा जाता है और आपके सà¥à¤¤à¤¨ इसके लिठतैयार होते हैं। अगर आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करता रहता है, तो आपके शरीर को जलà¥à¤¦ ही यह पता चल जाà¤à¤—ा कि शिशॠके लिठकितने दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करना है। इससे आपको सà¥à¤¤à¤¨ à¤à¤¾à¤°à¥€ लगना बंद हो जाà¤à¤—ा।
जब आप शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती हैं, तो आपको शांति, संतोष और आनंद की अनà¥à¤à¥‚ति हो सकती है। इसीलिठकà¥à¤› लोग आॅकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‰à¤¸à¤¿à¤¨ को पà¥à¤¯à¤¾à¤° जगाने वाला हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ कहते हैं! आप उनींदा à¤à¥€ महसूस कर सकती हैं और आपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ लग सकती है। ये इस बात के संकेत हैं कि शिशॠआपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को उतà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ कर रहा है।
शिशॠके जनà¥à¤® के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› दिनों में शिशॠके सà¥à¤¤à¤¨ चूसने पर आपके पेट में संकà¥à¤šà¤¨ महसूस हो सकते हैं (आफà¥à¤Ÿà¤°à¤ªà¥‡à¤¨à¥à¤¸)। ये पà¥à¤°à¤¸à¤µ के हलà¥à¤•े संकà¥à¤šà¤¨ जैसे महसूस होते हैं। यह आॅकà¥à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ के दोबारा काम शà¥à¤°à¥ करने पर होता है। यह आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले के आकार में लाने में मदद करता है।
अगर आफà¥à¤Ÿà¤°à¤ªà¥‡à¤¨à¥à¤¸ के लिठआपको दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤• की जरà¥à¤°à¤¤ लगे तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे आपको à¤à¤¸à¥€ दवा दे सकती हैं, जिसका सेवन सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो।
मेरे सà¥à¤¤à¤¨ शिशॠके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कैसे कर पाते हैं?
जब आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कर रहा होता है, तो उसके चूसने से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को और अधिक पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ जारी करने की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ मिलती है। पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ आपके शरीर को और अधिक दूध बनाने के लिठउतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करता है। यह आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को शिशॠके अगले सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठदूध का पà¥à¤°à¤¬à¤‚ध करने के लिठकहता है। इसलिठआपका शिशॠजितनी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करेगा, आपकी रकà¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤•ाओं में पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ को à¤à¥€ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करने के लिठउतना ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ मिलेगा। पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ की वजह से ही आपकी माहवारी बंद होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह डिंबोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¨ को रोक सकता है।
कà¥à¤› माà¤à¤à¤‚ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ छह महीनों में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ को गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§ के à¤à¤• तरीके के तौर पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करती हैं। हालांकि, यह तरीका पकà¥à¤•ा और विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ नहीं है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§ के सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीकों के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में आपका शरीर यह समठजाता है कि आपके शिशॠको कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में दूध की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अब यह दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ पर इतना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ निरà¥à¤à¤° नहीं करता। पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° घटने लगता है और अंतत: आपकी माहवारी फिर से शà¥à¤°à¥ हो जाती है।
हालांकि, आपके पास अà¤à¥€ à¤à¥€ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध होगा। पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ का कम सà¥à¤¤à¤° à¤à¥€ यह शिशॠके लिठजरà¥à¤°à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है। इस समय तक शिशॠके दूध पीने का तरीका (पैटरà¥à¤¨) सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ का मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• होता है। à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤• अनà¥à¤¯ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ फीडबैक इनà¥à¤¹à¤¿à¤¬à¤¿à¤Ÿà¤° ऑफ लैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ (à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤à¤²) की वजह से होता है।
à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤à¤² दोनों सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को बताता है कि कितने दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करना है। यदि शिशॠà¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ से बार-बार दूध पीता है, तो उसमें à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤à¤² का सà¥à¤¤à¤° कम होगा। यह उस सà¥à¤¤à¤¨ के लिठसंकेत के तौर पर काम करता है और वह और दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है।
यह à¤à¥€ हो सकता है कि आप शिशॠको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ न करवा पा रही हों। इसकी वजह हो सकती है कि शिशॠको ठीक से सà¥à¤¤à¤¨ चूसना नहीं आ रहा है या आप सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध के साथ-साथ फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध à¤à¥€ दे रही हैं। à¤à¤¸à¤¾ होने पर à¤à¥€ आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध लंबे समय तक बना रहेगा। इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤à¤² इकटà¥à¤ ा होने लगता है और दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ धीमा हो जाता है।
यदि आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ कम लगे, तो à¤à¥€ इस बात की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ कम है कि आप शिशॠके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं कर सकतीं। अधिकांश मामलों में समसà¥à¤¯à¤¾ यह होती है कि आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को सही ढंग से मà¥à¤‚ह में नहीं ले पा रहा (लैचिंग) है, इसलिठउसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध नहीं मिल पा रहा।
दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को बढ़ावा देने के लिठआप अपने सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध को निकाल यानि à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ à¤à¥€ कर सकती हैं। जब तक सà¥à¤¤à¤¨ खाली होते रहेंगे, तब तक à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤à¤² का सà¥à¤¤à¤° कम रहेगा ताकि दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ जारी रहे या यह बढ़ता रहे।
à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤à¤² हर सà¥à¤¤à¤¨ में अलग तरह से काम करता है, धीरे-धीरे आप शायद पाà¤à¤‚गी कि आपका à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ दूध से à¤à¤° जाता है और दूसरे की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है। या फिर संà¤à¤µ है कि आपका शिशॠà¤à¤• ही सà¥à¤¤à¤¨ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार दूध पीता हो।
à¤à¤¸à¤¾ होना बहà¥à¤¤ आम है और अकà¥à¤¸à¤° दाà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार दूध पिलाया जाता है। चाहे आप दाà¤à¤‚ हाथ से काम करती हों या बाà¤à¤‚ से या फिर आप सà¥à¤¤à¤¨ बदल-बदल कर शिशॠको दूध पिलाती हों, तो à¤à¥€ अकà¥à¤¸à¤° दाà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार दूध पिलाया जाता है।
à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤à¤² की वजह से à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ इतना दूध बना सकता है, जिससे शिशॠको पेटà¤à¤° दूध पिलाया जा सके। इसलिà¤, यदि आपके जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ शिशॠहैं, तो à¤à¤• शिशॠको à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨ से दूध पिलाना संà¤à¤µ है।
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